हम अभी ऐसे दौर में हैं जहाँ कार खरीदना सिर्फ मॉडल चुनना नहीं रहा — नीतियाँ, ईंधन विकल्प और रीसेल वैल्यू भी फैसला प्रभावित करते हैं। हालिया खबरों से साफ दिखता है कि इलेक्ट्रिक वाहन तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं और सरकार की नीतियाँ भी बाजार पर असर डाल रही हैं। उदहारण के तौर पर महिंद्रा ने XEV 9e और BE 6 जैसे इलेक्ट्रिक एसयूवी के टॉप वेरिएंट की कीमतें घोषित की हैं (XEV 9e पैक थ्री ~ ₹30.90 लाख, BE 6 ~ ₹26.9 लाख) — यह सीधे खरीददार के लिए महत्वपूर्ण सूचना है।
सरकार और बाजार दोनों कारण से बदलाव तेज़ हैं। ग्रीन ट्रांज़िशन और क्लीन एनर्जी की जरूरतें ईवी की मांग बढ़ा रही हैं। साथ ही पुराने वाहनों पर यूनिफॉर्म 18% जीएसटी जैसे कर निर्णय (पुरानी कारों की बिक्री पर) सेकंड‑हैंड मार्केट को प्रभावित कर रहे हैं — इसका असर कीमत और रिपेयर कॉस्ट दोनों पर पड़ेगा।
उद्योग में नई टेक्नोलॉजी जैसे बेहतर बैटरी, तेज़ चार्जिंग और कनेक्टिविटी फीचर आम हो रहे हैं। इससे वाहन खरीदने का कुल खर्च (Total Cost of Ownership) बदल रहा है: शुरूआती कीमत ज्यादा हो सकती है, पर चलत में बचत और कम मेंटेनेंस मिलता है। फिर भी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी लाइफ और रीसाइक्लिंग की चुनौतियाँ बनी हैं।
यदि आप कार या एसयूवी खरीदने का सोच रहे हैं तो कुछ बातें पहले तय कर लें: रोज़ाना कवरेज यानी रेंज क्या चाहिए? घर पर चार्ज करने की सुविधा है या नहीं? वारंटी में बैटरी कवरेज कितने साल/किलोमीटर तक है? इन सवालों का जवाब मिलना ज़रूरी है।
ईवी पर विचार कर रहे हों तो रीयल‑वर्ल्ड रेंज और Fast‑Charge सपोर्ट देखें। महिंद्रा के नए मॉडल जैसे XEV 9e/BE 6 के फीचर और ऑन‑रोड कीमत देखकर EMI और सब्सिडी का हिसाब लगाइए। अगर पुरानी कारें खरीद रहे हैं तो 18% जीएसटी के बाद कुल लागत, सर्विस हिस्ट्री और कॉन्ट्रैक्ट शर्तें अच्छे से जांचें।
फायनेंस चुनते वक़्त कुल भुगतान (प्रथम भुगतान + EMI + इंश्योरेंस + मेंटेनेंस) पर ध्यान दें — कभी केवल ओन‑रोड कीमत देखकर निर्णय न लें। रीसेल वैल्यू, पार्ट्स की उपलब्धता और सर्विस नेटवर्क छोटे शहरों में भी चेक करें।
यह टैग पेज उन लेखों को एक जगह देता है जो आपसे जुड़े हैं — नई कारों की कीमतें, सरकारी नियमों की खबरें और ग्रीन ट्रांज़िशन से जुड़ी रिपोर्ट। अगर आप अपडेट रहना चाहते हैं तो इन खबरों को पढ़ते रहिए; नए मॉडल, नीतिगत बदलाव और बाजार के संकेतों से आपको सही समय पर बेहतर फैसला लेने में मदद मिलेगी।
अगर चाहें, मैं आपके लिए बजट और ज़रूरत के हिसाब से कुछ सिफारिशें दे सकता/सकती हूँ — बताइए कितना खर्च करना चाहते हैं और रोज़ाना कितने किलोमीटर चलाते हैं।
टाटा मोटर्स के शेयरों में लगभग 9% की भारी गिरावट देखी गई, जिसके बाद मार्च तिमाही के निराशाजनक वित्तीय परिणामों ने निवेशकों को प्रभावित नहीं किया। कंपनी के बाजार पूंजीकरण को भारी नुकसान हुआ, जो लगभग ₹29,950 करोड़ गिरकर ₹3,17,998 करोड़ हो गया।