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भाजपा ने मणिशंकर अय्यर के 1962 के चीन-भारत युद्ध पर दिए बयान को 'भारत की अखंडता पर हमला' और 'हर शहीद सैनिक के अपमान' के रूप में देखा। अय्यर ने दिल्ली में विदेशी संवाददाता संघ में यह बयान दिया था। कांग्रेस ने अय्यर के बयान से खुद को अलग कर लिया और इसे व्यक्तिगत रूप में बताया। विवाद ने भारत-चीन तनाव और भारतीय राजनीतिक विभाजन को केंद्र में ला दिया है।