महावीर जयंती — क्या है और क्यों मनाते हैं?

महावीर जयंती जैन समुदाय का सबसे बड़ा पर्व है। यह दिन भगवान महावीर के जन्म, उपदेश और अहिंसा की याद दिलाता है। आप अगर पहली बार शामिल हो रहे हैं तो जान लें — ये त्योहार चुप्पी, साधना और दान पर ज़ोर देता है, न कि भड़काऊ जश्न पर।

महावीर जयंती कब मनाई जाती है?

यह त्योहार आमतौर पर मार्च-अप्रैल में आता है, चैत्र शुक्ल त्रयोदशी (चैत्र मास की त्रयोदशी तिथि) को। हर साल तारीख बदलती है क्योंकि यह चंद्र कैलेंडर पर निर्भर करता है। अगर आप इस साल की तारीख जानना चाहते हैं तो मंदिरों या स्थानीय जैन संघ की घोषणा देखें।

त्योहार का सरल मतलब और प्रमुख प्रथाएँ

महावीर जी के मुख्य शिक्षण हैं: अहिंसा, सत्य, अस्तेय (चोरी न करना), ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह (कम वस्तुओं में संतोष)। जयंती पर मंदिरों में पूजा-अर्चना, भगवान की प्रतिमा का अभिषेक, प्रवचन और भजन होते हैं। कई जगह शोभा यात्राएँ और शांतिपूर्ण रैलियाँ निकलती हैं।

व्रत रखना इस दिन आम है। कुछ लोग पूर्ण रूप से निर्जल उपवास करते हैं, जबकि अधिकतर लोग सरल फलाहार या एक समय का भोजन करते हैं। बच्चे और उम्रदराज़ लोग अक्सर हल्का व्रत रखते हैं। दान और सेवा भी इस दिन की खास गतिविधियाँ हैं — भोजन वितरण, वृद्धाश्रम-यात्रा और जरूरतमंदों को कपड़े देना देदीय है।

मंदिर में आप पाएंगे कि पूजा के दौरान मोबाइल बंद रखने और शांति बनाए रखने का अनुरोध किया जाता है। जैन मंदिरों में जूते बाहर ही रखना होता है और हाथ-पांव धो कर प्रवेश होता है। अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो आरामदायक, सादे कपड़े पहनें और मंदिर के नियम मानें।

बच्चों के लिए कहानी सुनाने का दिन भी बनता है — महावीर के जीवन की छोटी-छोटी घटनाएँ बताकर अहिंसा और सच्चाई जैसे मूल्यों को सिखाया जा सकता है। घर पर पूजा करना हो तो एक साफ स्थान पर छोटे से मंडप और दीपक पर्याप्त हैं।

जागरण या सार्वजनिक सामूहिक कार्यक्रमों में भीड़ होती है, इसलिए बाहर निकलते समय स्टेशन/स्टॉप तक आने-जाने की योजना पहले से बनायें। पानी, मास्क और बेसिक दवा साथ रखें। अगर आप ड्राइव कर रहे हैं तो पार्किंग के विकल्प पहले देख लें।

महावीर जयंती सिर्फ धार्मिक कार्यक्रम नहीं, यह व्यवहार और सोच बदलने का दिन भी है। आप छोटे-छोटे कदम से शुरुआत कर सकते हैं—एक दिन का व्रत, किसी को बिना कारण चोट न पहुँचाना, और किसी जरूरतमंद को खाना या किताबें देना।

अगर आप ताज़ा खबरें या आसपास के कार्यक्रम देखना चाहते हैं तो स्थानीय जैन संघों के सोशल मीडिया पेज और शहर के समाचार देखें। इस दिन की रिपोर्ट और शोभायात्राओं की तस्वीरें अक्सर समाचार साइटों पर मिल जाती हैं।

अंत में, महावीर जयंती में हिस्सा लेने का सबसे सादा तरीका है—शांत रहें, सुनें और सीखें। थोड़ी सी समझदारी और सहानुभूति से यह दिन आपके लिए भी सार्थक हो सकता है।

महावीर जयंती 2024: कुचामन सिटी और धौलपुर में भव्य जुलूस ने फैलाया अहिंसा और करुणा का संदेश
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महावीर जयंती 2024: कुचामन सिटी और धौलपुर में भव्य जुलूस ने फैलाया अहिंसा और करुणा का संदेश

महावीर जयंती 2024 पर कुचामन सिटी और धौलपुर में जैन समुदाय ने भव्य रथयात्रा का आयोजन किया, जिसमें भगवान महावीर की सजाई गई मूर्ति की परिक्रमा की गई। भक्तों ने फूल बरसाकर, भजन गाकर और दान-पुण्य कर महावीर के अहिंसा और सत्य के संदेश को फैलाया। मुनियों ने महावीर के सिद्धांतों पर प्रवचन दिए। इस आयोजन ने जैन मूल्यों की महत्ता पर जोर दिया।