उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव 2024 के छठे चरण की वोटिंग: अम्बेडकर नगर में सबसे अधिक मतदान, फूलपुर में सबसे कम

राजनीति उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव 2024 के छठे चरण की वोटिंग: अम्बेडकर नगर में सबसे अधिक मतदान, फूलपुर में सबसे कम

उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव 2024 के छठे चरण की वोटिंग: अम्बेडकर नगर में सबसे अधिक मतदान

उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के छठे चरण की वोटिंग समाप्त हो गई है। इस चरण में कुल 14 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ। शाम 5 बजे तक रिपोर्ट के अनुसार, कुल मतदान प्रतिशत 52.02% रहा। अम्बेडकर नगर में सर्वाधिक 61.54% मतदान दर्ज हुआ, जबकि फूलपुर में सबसे कम 48.94% मतदान हुआ। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मतदाताओं का उत्साह भिन्न-भिन्न रहा।

महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र और मतदान प्रतिशत

इस छठे चरण में जिन महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों ने भाग लिया, उनमें सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फूलपुर, इलाहाबाद, अम्बेडकर नगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संत कबीर नगर, लालगंज, आज़मगढ़, जौनपुर, मछलीशहर, और भदोही शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत थोड़ा भिन्न रहा, जिससे राजनीतिक दलों के लिए यहां के चुनाव परिणाम महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

अम्बेडकर नगर में सबसे अधिक 61.54% मतदान हुआ, जो कि इस चरण के लिए अच्छा संकेत है। इसके विपरीत फूलपुर में सबसे कम 48.94% मतदान हुआ, जो चिंता का विषय हो सकता है। हालांकि, मतदान का औसत प्रतिशत 52.02% रहा, जो दर्शाता है कि मतदाता पर्याप्त संख्या में पोलिंग बूथों तक पहुंचे।

कड़े मुकाबले वाले सीटें

इस चरण में खास ध्यान देने वाली सीटें आज़मगढ़ और सुल्तानपुर हैं। आज़मगढ़ से बीजेपी ने दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' को और सुल्तानपुर से मेनका गांधी को मैदान में उतारा है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने आज़मगढ़ से धर्मेन्द्र यादव और सुल्तानपुर से पूर्व मंत्री राम भवन निषाद को टिकट दिया है। इन सीटों पर मुकाबला काफी कड़ा है और इसका परिणाम बीजेपी और एसपी के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

इसके अलावा, डुमरियागंज, बस्ती और जौनपुर जैसी सीटों पर भी सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं। इन क्षेत्रों में स्थानीय मुद्दों का प्रभाव भी चुनाव परिणाम को प्रभावित करेगा।

चुनाव का महत्व और आगामी चरण

चुनाव का महत्व और आगामी चरण

इस छठे चरण के चुनाव परिणाम उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला वोटर करेंगे। इस चरण के मतदान से मिले संकेत यह बता सकते हैं कि किस पार्टी की पकड़ मजबूत है और किसे अधिक मेहनत करने की जरूरत है।

सातवें और अंतिम चरण का मतदान 1 जून को होना है, जिसमें महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, और रॉबर्ट्सगंज जैसी सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इन क्षेत्रों पर भी सभी राजनीतिक दल खास ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, क्योंकि इन सीटों का परिणाम भी महत्वपूर्ण होगा।

चुनाव आयोग और सुरक्षा व्यवस्था

चुनाव आयोग ने इस बार भी सुनिश्चित किया कि चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से चले। पूरे राज्य में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी ताकि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान हो सके। पोलिंग बूथों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितताओं को रोका जा सके।

इसके अलावा, चुनाव आयोग ने मतदाताओं को भी जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए थे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य था कि अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करें और सुशासन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

मतदान का महत्व

लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। प्रत्येक वोट कीमती होता है और लोकतंत्र की आधारशिला को मजबूत करता है। इसलिए यह आवश्यक है कि हर नागरिक अपने मताधिकार का सही और समय पर प्रयोग करें। चुनाव के दौरान देखा गया कि अनेक मतदाता अपने परिवार और दोस्तों के साथ पोलिंग बूथ तक पहुंचे, जो एक अच्छा संकेत है।

अखबारों और टीवी चैनलों ने भी लोगों को जागरूक किया कि वे अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें। अनेक संगठनों और एनजीओ ने भी मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए अभियान चलाए।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश के छठे चरण के लोकसभा चुनाव में विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत भिन्न रहा। जहां अम्बेडकर नगर में सबसे अधिक मतदान हुआ, वहीं फूलपुर में सबसे कम मतदान दर्ज हुआ। महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों में कड़े मुकाबले के बीच राजनीतिक दल अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। सातवें और अंतिम चरण का मतदान भी जल्द ही होने वाला है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

आशा है कि मतदाता इसी उत्साह से अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और लोकतंत्र को मजबूत बनाएंगे।