उड़ीसा विधानसभा में कुल 147 सीटें हैं और हर बार यहाँ की राजनीति देश की नजरें खींच लेती है। पिछले वर्षों में BJD ने राज्य पर मजबूत पकड़ बनाई है, लेकिन मौजूदा दौर में BJP और कांग्रेस सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इस चुनाव के नतीजे न सिर्फ राज्य की सरकार तय करेंगे, बल्कि स्थानीय विकास, तटीय अर्थव्यवस्था और आदिवासी इलाकों की नीतियों पर भी असर डालेंगे।
अगर आप चुनाव की खबरें समझना चाहते हैं तो सिर्फ शीरो-न्यूज़ पढ़ना काफी नहीं होगा। किस सीट पर किस उम्मीदवार का प्रभाव है, स्थानीय मुद्दे क्या हैं और वोटिंग पैटर्न किस तरह बदल रहा है — ये सब ध्यान देने लायक हैं। यहाँ सीधे, उपयोगी और तुरंत लागू होने वाली जानकारी मिलेगी जो रोज़मर्रा के फैसलों पर असर डालती है।
यहाँ कुछ सीधे पहलू जो चुनाव का रंग बनाते हैं: पहले, विकास बनाम स्थानीय पहचान — सड़कों, बिजली और नौकरी जैसे विकास के मुद्दे मुख्य हैं। दूसरे, आदिवासी और ओबीसी आबादी वाले जिले जिन्होंने पारंपरिक मतदान पैटर्न बनाए हैं; इन सीटों पर स्थानीय नेताओं की भूमिका बहुत अहम होती है। तीसरा, मछुआरा और तटीय इलाकों की समस्याएं — समुद्री आर्थिकी, टेक्नोलॉजी से प्रभावित मछली पकड़ने की पद्धति और मौसम आधारित जोखिम।
पार्टीगत मुकाबले में BJD की पकड़, BJP की संगठनात्मक ताकत और कांग्रेस की कोशिशें मिलकर ही तय करेंगी कि किसको बहुमत मिलेगा। ध्यान रखें — सीट-वाइज गणना अक्सर राज्य-स्तर की गणना से अलग नतीजे देती है।
अगर आप वोटर हैं या चुनावी समझ रखना चाहते हैं तो कुछ आसान कदम मदद करेंगे: अपने मतदाता सूची और बूथ की जानकारी चुनाव आयोग की आधिकारिक साइट से चेक करें; मतदान दिवस पर वक्त पर जाएँ और जरूरी दस्तावेज साथ रखें; नॉटा और EVM/VVPAT के बारे में बेसिक जानकारी जान लें।
ख़बरों को देखने के लिए स्रोत चुनें — स्थानीय रिपोर्टिंग से आपको क्षेत्रीय मुद्दों की समझ मिलेगी, जबकि वैरिफाइड रिजल्ट और आंकड़े आधिकारिक चैनलों पर ही देखें। Exit polls और सोशल मीडिया के रुझान तत्काल जानकारी देते हैं पर भरोसेमंद समझने से पहले सीट-स्तर के आंकड़ों पर नजर डालें।
दैनिक समाचार भारत पर हम आपको सीट-वार कवरेज, प्रमुख उम्मीदवारों की प्रोफ़ाइल, मतदान प्रतिशत और लाइव नतीजों के साथ शामिल करेंगे। आप हमारी लाइव रिपोर्टिंग, इन्फोग्राफिक्स और विश्लेषण पढ़कर तुरंत समझ पाएँगे कि किस सीट पर क्या खेल चल रहा है।
चाहिए कि आप चुनाव के दौरान सवाल पूछें: किस योजना का असर रहा? स्थानीय बेरोज़गारी पर क्या बदलाव दिख रहे हैं? और सबसे अहम — आपकी आवाज़ किसने सुनी? ऐसे सवालों के जवाब आपको बेहतर वोटिंग फैसला लेने में मदद करेंगे।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने एक वीडियो ट्वीट किया जिसमें वी.के. पंडीयन, जो उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी हैं, पटनायक के हाथ को हटा देते हैं। शर्मा ने इसे 'गहरी चिंता' का विषय बताया और पंडीयन के प्रभाव पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य उड़ीसा में पुनः नियंत्रण लौटाना है।