कंपनी के वित्तीय परिणाम यानी रिजल्ट पढ़ना डराने वाली बात नहीं है। बस कुछ बेसिक बातें समझ लें — राजस्व (revenue), शुद्ध लाभ (net profit), ईपीएस (EPS) और मार्जिन — और आप बड़ी तस्वीर तुरंत समझ पाएंगे। इस टैग पर हम ताज़ा रिजल्ट, उनका असर शेयरों पर और कन्टेक्स्ट (पिछले साल/पिछले तिमाही से तुलना) सरल भाषा में देते हैं।
कौन सी खबरें यहाँ मिलेंगी? तिमाही नतीजे, सालाना रिपोर्ट, कंपनी की कमेंटरी, प्रबंधन की मार्गदर्शन (guidance) और बाजार की प्रतिक्रिया। साथ ही खास घटनाएँ जैसे IPO लिस्टिंग, जीएसटी निर्णय या केंद्रीय बैंक की दरें जिनका कंपनियों पर असर होता है — इन्हें भी हम जोड़ते हैं।
रिजल्ट देखते समय ये चार चीजें सबसे ज्यादा मायने रखती हैं:
इसके अलावा, प्रबंधन की कॉल या प्रेस विज्ञप्ति में दी गई भविष्य की राह (guidance) और ऑर्डर बुक/नई डील्स का जिक्र भी पढ़ें — ये अगली तिमाही के संकेत देते हैं।
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इंफोसिस ने वित्तीय वर्ष 2025 की पहली तिमाही में ₹6,368 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो साल-दर-साल 7.1% की वृद्धि है। कंपनी ने अपने वार्षिक राजस्व मार्गदर्शन को 3-4% तक बढ़ाया है, जबकि पहले यह 1-3% था। यूरोप, भारत और अन्य क्षेत्रों में मजबूत वृद्धि देखी गई है, जबकि अमेरिका और BFSI क्षेत्र दबाव में रहे।
टाटा मोटर्स के शेयरों में लगभग 9% की भारी गिरावट देखी गई, जिसके बाद मार्च तिमाही के निराशाजनक वित्तीय परिणामों ने निवेशकों को प्रभावित नहीं किया। कंपनी के बाजार पूंजीकरण को भारी नुकसान हुआ, जो लगभग ₹29,950 करोड़ गिरकर ₹3,17,998 करोड़ हो गया।