आज दोपहर एक इंतज़ार किया गया क्षण तब आया था जब राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 10वीं के परिणामों का प्रकाशन किया। 24 मार्च, 2026 को दोपहर 1:00 बजे आधिकारिक तौर पर परिणाम जारी कर दिया गया। यह सिर्फ नंबरों की सूची नहीं थी, बल्कि लाखों परिवारों के सपनों का निर्णय था। लगभग 10.68 लाख छात्रों के कुल पास प्रतिशत में वृद्धि देखी गई, जो पिछले साल की तुलना में बेहतर रहा है। लेकिन असली कहानी इसमें छिपी है कि अब लड़कियां लड़कों को पीछे छोड़ रही हैं और बोर्ड की पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव हुआ है।
परिणाम घोषणा: जल्दियारी का पहला मामला
अक्सर बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम अप्रैल के आसपास आते हैं, लेकिन इस बार अजमेर में स्थित बोर्ड मुख्यालय से हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये नतीजे मार्च ही में डाल दिए गए। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, विद्या विभाग और बोर्ड प्रशासन अधिकारी शक्ति सिंह राठोड़, प्रशासन और क्षेत्रीय आयुक्त ने यह घोषणा की। 28 फरवरी को खत्म होने वाली परीक्षा के महज़ एक महीने बाद परिणाम आ जाना एक बड़ी उपलब्धि है। इसे लेकर छात्रों और अभिभावकों में राहत की सांस लगी। ट्विस्ट ये है कि पहली बार 12वीं के परिणाम से पहले 10वीं का रिजल्ट आया है, जिससे हाई स्कोर्स वाले छात्रों को एडमिशन के लिए तेजी मिलेगी।
लिंग गुर्वांतर: लड़कियों का उच्च प्रदर्शन
अंकलिस्ट देखने पर साफ पता चला कि शैक्षणिक कौशल का ग्राफ महिलाओं की ओर झुक रहा है। कुल पास प्रतिशत 94.23% बना है, जो पिछले साल के 93.06% से 1.17 अंक तक बढ़ा है। लड़कियों का पास प्रतिशत 94.20% रहा, जबकि लड़कों का 93.63% रहा। यह लगातार चलने वाला रुझान है। हालांकि, हर जिले की स्थिति समान नहीं थी। झुंझुनूं जिले ने सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए 97.77% पास दर बनाई। इसके बाद दीवाना कुचमान और सीकर जिले थे। वहीं, धोलपुर जैसे जिले में अभी भी चुनौतियां बनी हुई हैं, जहां पास प्रतिशत 87.52% ही रहा। दुंगरपुर में हालात स्थिर रहे, वहां के विश्वास पाटीदार नाम के एक छात्र ने खास स्कूल से 99.50% अंक प्राप्त किए, जो पूरे जिले में टॉपर रहे।
शीर्ष परीक्षार्थी और राज्यभर की स्थिति
स्टेट वाइड टॉपर्स की लिस्ट देखने पर बांद्रा की दीपिका मेहता का नाम सबसे ऊपर है, जिन्होंने 99.50% अंक लॉके हैं। उनके साथ जाipur की खोरा बिस्ल से छवि शर्मा और भरतपुर की वंदना कुमारी ने भी 99.33% अंक प्राप्त किए। यह दर्शाता है कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों से उत्कृष्ट छात्र आ रहे हैं। कालेश्वर शर्मा (झालावाड़), गुनजन चौधरी (बाड़मेर), मोहित गंगवाल (जाipur) जैसे छात्रों ने भी 95% से ऊपर के अंक बनाकर अपने जिलों का मान बढ़ाया। इन सभी के लिए अब अगला सवाल 12वीं में आगे की तैयारी का होगा। रिजल्ट चेक करने के लिए छात्र rajedu.board.rajasthan.gov.in पर जा सकते हैं या फिर SMS सेवा का उपयोग कर सकते हैं।
बड़ी पॉलिसी बदलाव: सप्लीमेंटरी परीक्षा का अंत
परिणाम केवल एक संख्या नहीं थी, बल्कि इसमें भविष्य के नियमों का बदलाव भी छिपा था। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने ऐलान किया कि 2026-27 से कक्षा 10वीं की 'सप्लीमेंटरी' या पुरक परीक्षा नहीं होगी। यह बहुत बड़ा बदलाव है। पहले अगर किसी विषय में 33% से कम अंक आते, तो अलग समय पर पुरक परीक्षा होता था। अब वो रास्ता बंद है। जो छात्र कोई विषय नहीं पास कर पाते हैं, वे दूसरी बोर्ड परीक्षा देने के लिए तैयार रहेंगे। इसका मतलब है कि उन्हें पूरी कोर्स को दोबारा तैयार करना होगा या फिर दूसरे बोर्ड की परीक्षा देंगे। यह नीति शैक्षणिक गुणवत्ता और गंभीरता बढ़ाने के लिए लाई गई है, ताकि छात्रों को हल्के दिल से बैठने का मौका ना मिले।
अगले कदम और महत्वपूर्ण सवाल
जैसे ही यह परिणाम घोषित हुए, स्कूलों में भारी उत्सह रहा। ऑरिजिनल मार्कशीट अब स्कूल द्वारा बाद में जारी की जाएगी। वर्तमान में जो ऑनलाइन मढ़ी देखने मिल रही है, वह अस्थाई (provisional) है। छात्रों के लिए जरूरी है कि वे अपना एग्जिट पोर्टल चेक करें और यदि कोई त्रुटि है तो उसकी शिकायत तुरंत दर्ज करें। भविष्य में यह देखना जरूरी है कि क्या सप्लीमेंटरी परीक्षा रद्द होने से असफल छात्रों की संख्या पर असर पड़ता है या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पढ़ाई की गंभीरता बढ़ेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पार्टीशन कैसे देख सकते हैं?
छात्र rbse.edu.in वेबसाइट पर जाकर रोल नंबर डाल सकते हैं या फिर 5676750 पर 'RJ10' और रोल नंबर टाइप करके एसएमएस भेज सकते हैं।
अगर कोई विषय फेल हो जाए तो क्या होगा?
2026-27 सेशन से पुरक परीक्षा नहीं होगी। छात्र को दूसरी बोर्ड परीक्षा में भाग लेना होगा या फिर अपनी स्थिति सुधारने का रास्ता खोजना होगा।
किस जिले का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा?
झुंझुनूं जिले ने 97.77% की सफलता दर बनाकर सर्वोच्च स्थान हासिल किया, जबकि धोलपुर जिले का प्रदर्शन सबसे कम था।
मैदानशील मंत्रि के अनुसार नई नीति क्या है?
मदन दिलावर ने कहा कि अब सप्लीमेंटरी परीक्षा समाप्त हो रही है, ताकि छात्र अपनी तैयारी में और गंभीर रह सकें और गुणवत्ता बेहतर हो सके।
Vraj Shah
मार्च 27, 2026 AT 19:14दोस्तों बहुत बढ़िया बात हुई है। मेरा भी दोस्त पास हो गया है और वो बहुत खुश है। रिजल्ट जल्दी आया ये बहुत अच्छी बात है। हमे अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। टाइपींग में थोड़ी गलती हो गई पर मैं माफ़ माँगता हु। बस मेहनत करें।
Kumar Deepak
मार्च 28, 2026 AT 03:34अरे वाह लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ दिया क्या अब स्कूल में लड़के कम पड़ेंगे। सरकार की नीति का असर दिख रहा है। याद रखियेगा ये केवल अंक नहीं हैं।
Ganesh Dhenu
मार्च 28, 2026 AT 17:11भारतीय शिक्षा प्रणाली में लड़कियों का योगदान बढ़ रहा है।
Yogananda C G
मार्च 29, 2026 AT 23:42यह, खबर, सुनकर, दिल, में, बहुत, खुशी, हो, रही, है। आखिरकार, लड़कियों, का, महत्व, समझा, गया। पिछले, साल, की, तुलना, में, फर्क, बहुत, साफ़, है। हम, सबको, मिलकर, प्रयास, करना, चाहिए। शिक्षा, मंत्री, जी, का, इस, कदम, से, बहुत, सराहना, होगी। नई, पॉलिसी, पर, थोड़ा, विचार, जरूरत, है। सप्लीमेंटरी, नहीं, होने, से, छात्र, ज्यादा, ध्यान, देंगे। मुझे, लगता, है, गुणवत्ता, बेहतर, होगी। लेकिन, कुछ, बच्चों, को, डर, भी, सताएगा। फिर, भी, मेहनत, करनी, ही, पड़ेगी। घर, वालों, को, भी, समझना, होगा। सोशल, मीडिया, पर, गलत, फेरिब, हो, रहा, था। अब, सच्चाई, सामने, आई, है। टॉपर्स, के, नाम, सुनने, में, आता, है। इनसे, सीख, लेनी, चाहिए।
Mona Elhoby
मार्च 31, 2026 AT 01:40तुम्हारी आशावादिता थोड़ी बासी लग रही है। यह सिर्फ अंक नहीं है बल्कि समाज का दर्पण भी है। अगर लड़की काम कर रही है तो इसे देखना चाहिए। इतनी भावुकता मत दिखाओ।
Arjun Kumar
मार्च 31, 2026 AT 05:48मुझे लगता है पुरक परीक्षा रद्द करना सही नहीं है। कुछ बच्चों को दूसरा मौका मिलना चाहिए था। वरना उन्हें क्या होगा।
M Ganesan
अप्रैल 1, 2026 AT 16:45गुस्सा मत करो। यह पूरी तरह से जालसाजी है। वे लोग सिर्फ नियंत्रण चाहते हैं। तथ्यों को नजरअंदाज मत करो।
RAJA SONAR
अप्रैल 3, 2026 AT 16:42मेरा विश्वास है कि दुनिया बदल गई और अब केवल गुणवान को ही रास्ता मिलेगा जो कि बहुत शानदार है
Harsh Gujarathi
अप्रैल 4, 2026 AT 04:54बिल्कुल सही कहा आपने बधाई है हर किसी को🎉 हाँ आगे भी अच्छे दिन रहेंगे😊
Divyanshu Kumar
अप्रैल 5, 2026 AT 00:49शिक्षा niity का यह पहलू काफी uamesdayk है। हालांकि कुछ tathyank anusut dekhne par prashna chinha lage ja sakte hain।
Basabendu Barman
अप्रैल 6, 2026 AT 00:19इन आंकड़ों के पीछे कोई बड़ा खेल चल रहा है। राजनीतिक दबाव का हिस्सा है यह परिवर्तन।
ankur Rawat
अप्रैल 7, 2026 AT 08:31उम्मीद की kirnan ab spshit roop se jhalak rahi hai। halat kathin the par ab sab kuch theek hone wala hai। thodi spritel (spiritual) urja le lo।
Mukesh Kumar
अप्रैल 7, 2026 AT 15:33सब मिलकर आगे बढ़ें। कल की चिंता आज मत करो।