RBSE 10th Result 2026: 94.23% पास दर, लड़कियां लड़कों से आगे

शिक्षा RBSE 10th Result 2026: 94.23% पास दर, लड़कियां लड़कों से आगे

आज दोपहर एक इंतज़ार किया गया क्षण तब आया था जब राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 10वीं के परिणामों का प्रकाशन किया। 24 मार्च, 2026 को दोपहर 1:00 बजे आधिकारिक तौर पर परिणाम जारी कर दिया गया। यह सिर्फ नंबरों की सूची नहीं थी, बल्कि लाखों परिवारों के सपनों का निर्णय था। लगभग 10.68 लाख छात्रों के कुल पास प्रतिशत में वृद्धि देखी गई, जो पिछले साल की तुलना में बेहतर रहा है। लेकिन असली कहानी इसमें छिपी है कि अब लड़कियां लड़कों को पीछे छोड़ रही हैं और बोर्ड की पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव हुआ है।

परिणाम घोषणा: जल्दियारी का पहला मामला

अक्सर बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम अप्रैल के आसपास आते हैं, लेकिन इस बार अजमेर में स्थित बोर्ड मुख्यालय से हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये नतीजे मार्च ही में डाल दिए गए। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, विद्या विभाग और बोर्ड प्रशासन अधिकारी शक्ति सिंह राठोड़, प्रशासन और क्षेत्रीय आयुक्त ने यह घोषणा की। 28 फरवरी को खत्म होने वाली परीक्षा के महज़ एक महीने बाद परिणाम आ जाना एक बड़ी उपलब्धि है। इसे लेकर छात्रों और अभिभावकों में राहत की सांस लगी। ट्विस्ट ये है कि पहली बार 12वीं के परिणाम से पहले 10वीं का रिजल्ट आया है, जिससे हाई स्कोर्स वाले छात्रों को एडमिशन के लिए तेजी मिलेगी।

लिंग गुर्वांतर: लड़कियों का उच्च प्रदर्शन

अंकलिस्ट देखने पर साफ पता चला कि शैक्षणिक कौशल का ग्राफ महिलाओं की ओर झुक रहा है। कुल पास प्रतिशत 94.23% बना है, जो पिछले साल के 93.06% से 1.17 अंक तक बढ़ा है। लड़कियों का पास प्रतिशत 94.20% रहा, जबकि लड़कों का 93.63% रहा। यह लगातार चलने वाला रुझान है। हालांकि, हर जिले की स्थिति समान नहीं थी। झुंझुनूं जिले ने सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए 97.77% पास दर बनाई। इसके बाद दीवाना कुचमान और सीकर जिले थे। वहीं, धोलपुर जैसे जिले में अभी भी चुनौतियां बनी हुई हैं, जहां पास प्रतिशत 87.52% ही रहा। दुंगरपुर में हालात स्थिर रहे, वहां के विश्वास पाटीदार नाम के एक छात्र ने खास स्कूल से 99.50% अंक प्राप्त किए, जो पूरे जिले में टॉपर रहे।

शीर्ष परीक्षार्थी और राज्यभर की स्थिति

स्टेट वाइड टॉपर्स की लिस्ट देखने पर बांद्रा की दीपिका मेहता का नाम सबसे ऊपर है, जिन्होंने 99.50% अंक लॉके हैं। उनके साथ जाipur की खोरा बिस्ल से छवि शर्मा और भरतपुर की वंदना कुमारी ने भी 99.33% अंक प्राप्त किए। यह दर्शाता है कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों से उत्कृष्ट छात्र आ रहे हैं। कालेश्वर शर्मा (झालावाड़), गुनजन चौधरी (बाड़मेर), मोहित गंगवाल (जाipur) जैसे छात्रों ने भी 95% से ऊपर के अंक बनाकर अपने जिलों का मान बढ़ाया। इन सभी के लिए अब अगला सवाल 12वीं में आगे की तैयारी का होगा। रिजल्ट चेक करने के लिए छात्र rajedu.board.rajasthan.gov.in पर जा सकते हैं या फिर SMS सेवा का उपयोग कर सकते हैं।

बड़ी पॉलिसी बदलाव: सप्लीमेंटरी परीक्षा का अंत

परिणाम केवल एक संख्या नहीं थी, बल्कि इसमें भविष्य के नियमों का बदलाव भी छिपा था। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने ऐलान किया कि 2026-27 से कक्षा 10वीं की 'सप्लीमेंटरी' या पुरक परीक्षा नहीं होगी। यह बहुत बड़ा बदलाव है। पहले अगर किसी विषय में 33% से कम अंक आते, तो अलग समय पर पुरक परीक्षा होता था। अब वो रास्ता बंद है। जो छात्र कोई विषय नहीं पास कर पाते हैं, वे दूसरी बोर्ड परीक्षा देने के लिए तैयार रहेंगे। इसका मतलब है कि उन्हें पूरी कोर्स को दोबारा तैयार करना होगा या फिर दूसरे बोर्ड की परीक्षा देंगे। यह नीति शैक्षणिक गुणवत्ता और गंभीरता बढ़ाने के लिए लाई गई है, ताकि छात्रों को हल्के दिल से बैठने का मौका ना मिले।

अगले कदम और महत्वपूर्ण सवाल

जैसे ही यह परिणाम घोषित हुए, स्कूलों में भारी उत्सह रहा। ऑरिजिनल मार्कशीट अब स्कूल द्वारा बाद में जारी की जाएगी। वर्तमान में जो ऑनलाइन मढ़ी देखने मिल रही है, वह अस्थाई (provisional) है। छात्रों के लिए जरूरी है कि वे अपना एग्जिट पोर्टल चेक करें और यदि कोई त्रुटि है तो उसकी शिकायत तुरंत दर्ज करें। भविष्य में यह देखना जरूरी है कि क्या सप्लीमेंटरी परीक्षा रद्द होने से असफल छात्रों की संख्या पर असर पड़ता है या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पढ़ाई की गंभीरता बढ़ेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पार्टीशन कैसे देख सकते हैं?

छात्र rbse.edu.in वेबसाइट पर जाकर रोल नंबर डाल सकते हैं या फिर 5676750 पर 'RJ10' और रोल नंबर टाइप करके एसएमएस भेज सकते हैं।

अगर कोई विषय फेल हो जाए तो क्या होगा?

2026-27 सेशन से पुरक परीक्षा नहीं होगी। छात्र को दूसरी बोर्ड परीक्षा में भाग लेना होगा या फिर अपनी स्थिति सुधारने का रास्ता खोजना होगा।

किस जिले का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा?

झुंझुनूं जिले ने 97.77% की सफलता दर बनाकर सर्वोच्च स्थान हासिल किया, जबकि धोलपुर जिले का प्रदर्शन सबसे कम था।

मैदानशील मंत्रि के अनुसार नई नीति क्या है?

मदन दिलावर ने कहा कि अब सप्लीमेंटरी परीक्षा समाप्त हो रही है, ताकि छात्र अपनी तैयारी में और गंभीर रह सकें और गुणवत्ता बेहतर हो सके।