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हम यहाँ इंफोसिस की ताज़ा रिपोर्ट, तिमाही नतीजे, मैनेजमेंट के बयान और बड़े कॉन्ट्रैक्ट की खबरें कवर करते हैं। साथ ही बुनियादी बातें जैसे—कम्पनी की नौकरी घोषणाएँ, कैंपस हायरिंग अपडेट, टेक्नोलॉजी निवेश और क्लाइंट पार्टनरशिप। शेयर पर असर डालने वाली खबरें, जैसे बोनस, डिविडेंड या नियामकीय घटनाएँ, भी समय पर प्रकाशित होती हैं।
क्या आपने कभी सोचा है कि एक प्रोजेक्ट विजेता अनुबंध कैसे शेयर पर दिखता है? हम ऐसे केस स्टडीज़ और तात्कालिक असर को सरल भाषा में बताते हैं ताकि आप तेज़ निर्णय ले सकें।
हर खबर पढ़ते समय ये तीन सवाल पूछें: (1) यह खबर कंपनी के राजस्व या लाभ को कैसे प्रभावित करेगी? (2) क्या यह दीर्घकालिक रणनीति से जुड़ी है? (3) इस खबर का शेयर और कॉम्पेटिटर पर क्या असर हो सकता है? जब आप इन बिंदुओं पर ध्यान देते हैं, तो खबर का व्यावहारिक मतलब साफ़ दिखने लगता है।
हमारी कवरेज में अक्सर छोटे-छोटे तकनीकी पहलुओं को भी सामान्य भाषा में समझाया जाता है—जैसे क्लाउड कॉन्ट्रैक्ट का मतलब क्या होगा, या डिजिटल सर्विसेज़ में नया निवेश किन क्लाइंट्स तक पहुँचेगा।
अपडेट रहने के आसान तरीके: इस टैग को बुकमार्क कर लें, नोटिफिकेशन ऑन करें और महत्वपूर्ण तिमाही रिपोर्ट्स के लिए कालेंडर में तारीखें डाल लें। अगर आप शेयर के आधार पर निर्णय लेते हैं तो कंपनी की आधिकारिक फाइलिंग और एनएसई/बीएसई के आंकड़े भी चेक करें।
हम कोशिश करते हैं कि हर पोस्ट सरल, सटीक और कम शब्दों में ज़रूरी जानकारी दे — ताकि आप पढ़कर तुरंत समझ सकें कि बात किस बारे में है और आगे क्या करना चाहिए।
अगर आपको किसी खबर की गहराई चाहिए तो नीचे दिए गए हालिया लेखों को देखें या हमें बताइए—हम उस पर विस्तार से लेख प्रकाशित करेंगे। इस पेज पर हर नयी इंफोसिस खबर तुरंत जोड़ दी जाती है, इसलिए नियमित रूप से चेक करते रहें।
इंफोसिस ने वित्तीय वर्ष 2025 की पहली तिमाही में ₹6,368 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो साल-दर-साल 7.1% की वृद्धि है। कंपनी ने अपने वार्षिक राजस्व मार्गदर्शन को 3-4% तक बढ़ाया है, जबकि पहले यह 1-3% था। यूरोप, भारत और अन्य क्षेत्रों में मजबूत वृद्धि देखी गई है, जबकि अमेरिका और BFSI क्षेत्र दबाव में रहे।