चौथा पुण्यतिथि: सरल तरीके से श्रद्धांजलि दें

चौथा पुण्यतिथि अक्सर तकलीफ और यादों को एक साथ ले आता है। अगर आप सोच रहे हैं कि इसे कैसे सम्मानजनक और शांतिपूर्ण बनाया जाए, तो छोटे कदम ही बड़ा फर्क डालते हैं। यहां सीधे और व्यावहारिक सुझाव दिए जा रहे हैं — ताकि भाव और व्यवस्था दोनों सहज रहें।

तैयारी: जल्दबाजी से बचें, एक सूची बनाएं

सबसे पहले दिन और समय तय कर लें — सुबह का समय पारंपरिक रूप से अच्छा माना जाता है। एक हफ्ता पहले मेहमानों की सूची, पूजा सामग्री और खाद्य प्रबंध लिख लें। अगर बड़े घर या रिश्तेदार नहीं आ पाएंगे तो वीडियो कॉल का इंतजाम रखें।

सामान्य चेकलिस्ट: फोटो या स्मृति को सजाने के लिए फ्रेम, दीप, पुष्प, नैवेद्य के लिए फल और मिठाई, अगर पूजन करवाना है तो पंडित या ऑनलाइन पूजा सेवा। बजट बनाकर खर्चों को बाँट लें—पूजा महंगी होनी जरूरी नहीं।

पारंपरिक पूजा-विधि (संक्षेप में)

पारंपरिक तौर पर साधारण विधि में स्मृति स्थान पर दीप और पुष्प रखें, हवन या शमशान के संस्कार नहीं कर रहे हों तो घर पर छोटा पाठ कराएँ। तर्पण (अगर पारिवारिक परंपरा है) और मंत्र-पाठ से मन को शांति मिलती है।

यदि पंडित ना बुलाना चाहें तो परिवार में कोई शांत मन वाला व्यक्ति मंत्र पढ़कर या श्लोक सुकर सकता है। 11 या 12 प्रसाद बांटना कोई अनिवार्य नियम नहीं—छोटी संख्या में ही वितरण ठीक रहता है।

अगर समय कम हो तो ऑनलाइन पंडित और डिजिटल श्राद्ध सेवाएँ एक अच्छा विकल्प हैं। इससे दूर बैठे रिश्तेदार भी जुड़ सकते हैं।

याद रखने के आधुनिक और असरदार तरीके

स्मृति सभा में सिर्फ शोक ही नहीं, खुशियों की बातें बताने से माहौल हल्का रहता है। कुछ लोग फोटो-वर्कशाप, यादों की वीडियो स्लाइडशो या पर्सनल मेमोरी बुक बनाते हैं — ये चीजें भावनात्मक तौर पर असरदार होती हैं और आने वाले वर्षों में भी काम आती हैं।

दान और चैरिटी: चौथे पुण्यतिथि पर किसी संस्था में दान करना एक शांतिपूर्ण तरीका है। अगर उस व्यक्ति की कोई पसंदीदा वजह थी—जैसे शिक्षा या स्वास्थ्य—तो उसी क्षेत्र में दान कर दें। इससे श्रद्धांजलि का अर्थ बढ़ जाता है।

बच्चों से बात करते समय सरल शब्दों में बताएं और उन्हें इवेंट का हिस्सा बनाएं — फूल चढ़ाना, कैंडल रखना या एक छोटी कविता पढ़ना। इससे उन्हें भी शोक समझने में मदद मिलेगी।

अंत में, याद रखें कि सब कुछ परफेक्ट होना जरूरी नहीं। उद्देश्य वह व्यक्ति सम्मान और याद रखना है। छोटी-छोटी तैयारियाँ और सच्चे इरादे से मन शांत रहेगा और परिवार के साथ जुड़ाव भी बना रहेगा।

सुशांत सिंह राजपूत की चौथी पुण्यतिथि पर बहन ने जताई न्याय की मांग
मनोरंजन

सुशांत सिंह राजपूत की चौथी पुण्यतिथि पर बहन ने जताई न्याय की मांग

आज सुशांत सिंह राजपूत की चौथी पुण्यतिथि है, जिनकी मृत्यु 14 जून 2020 को रहस्यमय परिस्थितियों में हुई थी। उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने सोशल मीडिया पर न्याय की मांग करते हुए अपनी निराशा व्यक्त की। उन्होंने मुंबई के बांद्रा में यून रेव स्टूडियो में एक सामूहिक प्रार्थना सेवा का आयोजन किया है। पोलीस ने उनकी मृत्यु को आत्महत्या करार दिया था, लेकिन उनके परिवार और प्रशंसकों को शक है कि इसमें साजिश हो सकती है और उन्होंने सीबीआई जाँच की मांग की है।